1 नवंबर 2026 - 18:05
ईरान का ब्रिटेन पर पलटवार, रॉयल नेवी और वायुसेना आतंकी संगठन, MI6 शत्रु समूह

ईरानी विदेश मंत्रालय ने लंदन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ब्रिटेन अपने सैन्य ठिकानों और लॉजिस्टिक सुविधाओं का इस्तेमाल अमेरिका और इस्राईल के उन सैन्य अभियानों को समर्थन देने के लिए कर रहा है, जिनका निशाना ईरान है।

ईरान और ब्रिटेन के बीच तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। तेहरान ने ब्रिटेन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उसकी रॉयल नेवी (नौसेना), रॉयल एयर फोर्स (वायुसेना) और विदेशी खुफिया एजेंसी MI6 को लेकर बड़ा फैसला किया है। ईरान ने ब्रिटिश सैन्य बलों को आतंकवादी संगठन और खुफिया एजेंसी MI6 को शत्रुतापूर्ण समूह घोषित कर दिया है।

समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को इस फैसले की घोषणा की। इसके बाद ब्रिटेन की सैन्य और खुफिया गतिविधियां ईरान के सुरक्षा संबंधी कानूनी प्रावधानों के दायरे में आ गई हैं।

ईरानी विदेश मंत्रालय ने लंदन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ब्रिटेन अपने सैन्य ठिकानों और लॉजिस्टिक सुविधाओं का इस्तेमाल अमेरिका और इस्राईल के उन सैन्य अभियानों को समर्थन देने के लिए कर रहा है, जिनका निशाना ईरान है।

तेहरान का आरोप है कि ब्रिटेन की इस भूमिका से अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन हो रहा है। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ कार्रवाई बताया है।

ईरान और ब्रिटेन के बीच मौजूदा टकराव के पीछे पहले से जारी कूटनीतिक विवाद भी एक बड़ी वजह है। दरअसल, ब्रिटेन ने जुलाई में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को अपने स्टेट थ्रेट्स एक्ट के दायरे में लाने का फैसला किया था।

तेहरान ने ब्रिटेन के इस कदम को शत्रुतापूर्ण कार्रवाई करार दिया था। अब ब्रिटिश सैन्य बलों और MI6 को लेकर ईरान के ताजा फैसले को उसी विवाद के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।

दोनों देशों के बीच बढ़ती तल्खी से पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव और गहरा सकता है।

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